राजनीतिक विज्ञान सरकार का अध्ययन
वर्तमान समय में राजनीतिक विज्ञान की कुछ विद्वान उपयुक्त परिभाषाओं को स्वीकार नहीं करते हुए राज्य के स्थान पर सरकार के अध्ययन पर बल देते हैं उनका कथन है कि राज्य तो एक संपूर्ण संस्था है और प्रभावी शक्ति के प्रयोग के संबंध में इस स्थान का फोटो रूप सरकार ही वह तंत्र अवधवा साधन है जिसके माध्यम से राज्य की इच्छा कार्यऋप में परिदित की जाती है इसीलिए सील और रिकॉल आदि भी दोनों ने राजनीतिक विज्ञान को सरकार का ही अध्ययन कहा है इसीलिए के शब्दों में राजनीतिक विज्ञान इस प्रकार सरकार के तत्वों का अनुसंधान करता है जैसे संपादित शास्त्र संपत्ति का जो शास्त्र जीव का विचार अधिक अंकों का तथा राज्य मित्र शास्त्र अथवा एवं लंबाई चौड़ाई का करता है इसी प्रकार लेखक का भी कहना है की राजनीति
राजनीतिक विज्ञान राज्य और सरकार दोनों का अध्ययन
उपयुक्त सभी विद्वानों द्वारा दी गई राजनीतिक विज्ञान की परिभाषाएं वस्तुतः एकांकी है और जहां तक राजनीतिक विज्ञान का संबंध है इसमें राज्य और सरकार इन दोनों का ही ध्यान किया जाता है राज्य के बिना सरकार की कल्पना ही नहीं की जा सकती क्योंकि सरकार राज्य के द्वारा प्रस्तुत प्रारंभ में शक्ति का ही प्रयोग करता है और सरकार के बिना राज्य का एक संपूर्ण कल्पना मात्र है राज्य की क्रियात्मक अभिव्यक्ति के लिए सरकार का और सरकार के अस्तित्व की किसी कल्पना के लिए राज्य का अस्तित्व अनिवार्य है ऐसी स्थिति में राज्य के बिना सरकार और सरकार के बिना राज्य का कोई अध्ययन पोर्टल नहीं हो सकता और राज्य एवं सरकार दोनों ही राजनीति विज्ञान के अध्ययन का विषय बन जाते हैं प्रशंसी विचारात्मक पॉल जीनस नहीं सी विचार को व्यक्त करते हुए कहा है कि राजनीति विज्ञान समाज विज्ञानों का वह अंक है जिसमें राज्य के आधार पर और सरकार के सिद्धांतों पर विचार किया जाता है
राजनीति का संबंध राज्य तथा उसके साधन सरकार से है इस संबंध में गिल प्राइस की परिभाषा कुछ अधिनियम स्पष्ट है जिसमें उसने कहा है कि राजनीतिक विज्ञान राज्य और सरकार की सम्मान समस्याओं का अध्ययन करता है लास्की का एड्रेस और आधुनिक युग के सभी लेखकों ने भी इसी मत का स्पष्ट किया है मानव तंत्र लेकिन राजनीति विज्ञान की यह परिभाषा भी पूर्व से नहीं है क्योंकि इसमें विषय की मानवी पक्ष की आवेदन की गई है
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