विश्व की जनसंख्या का वितरण
ki jansankhya ka vitran.
Distribution of world Population
विश्व में जनसंख्या का वितरण अत्यधिक विषम है।
विश्व की लगभग आधी जनसंख्या उसके पांच प्रतिशत भू भाग पर रहती है जबकि विश्व की 57 प्रतिशत भूभाग पर केवल पांच प्रतिशत जनसंख्या पाई जाती है।
विश्व की जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले अनेक प्राकृतिक सांस्कृतिक आर्थिक जनकिंग की एवं ऐतिहासिक कारकों ने उसके क्षेत्रीय वितरण को अत्यधिक विषम मान दिया है
फलक जनसंख्या के वितरण की दृष्टि से विश्व में दो प्रकार के क्षेत्र पाए जाते हैं
1 बसे हुए क्षेत्र economics
2 बिना बसे हुए क्षेत्र non economic
वे क्षेत्र जो मानव निवास के अनुकूल हैं तथा जहां मानव महत्वपूर्ण व संख्या में पाए जाते हैं बसे हुए क्षेत्र में अंतर्गत आते हैं मानव निवास के प्रतिकूल परिधियों के कारण जन शून्य अथवा अत्यंत वितरण जनसंख्या के क्षेत्र बिना बसे हुए क्षेत्र के अंतर्गत शामिल है
1 विश्व के बसे हुए क्षेत्र economics
वर्तमान समय में सामान्य इस क्षेत्र के अंतर्गत निमृत तीन क्षेत्रों को सम्मिलित किया जाता है
पूर्वी दक्षिणी पूर्वी एवं दक्षिणी एशिया
उत्तरी पश्चिमी यूरोप
उत्तरी पूर्वी दक्षिणी अमेरिका
पूर्वी दक्षिणी पूर्वी एवं दक्षि
एशिया
इस क्षेत्र में विश्व के लगभग आधी जनसंख्या निवास करती है पूर्वी एशिया में चीन प्रमुख है चीन में सार्वजनिक जनसंख्या तथा भी होगी घाटियों में पाई जाती है हां हां हो तथा वे को घाटी में 1000 व्यक्ति से नदी घाटी में 2000 व्यक्ति सांगयांग नदी घाटी में 1500 व्यक्ति तथा चवन बेसिक में 1700 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर निवास करते हैं नदी घाटियों का उपजाऊ मैदान अधिक विकसित चावल की कृषि संतान उत्पादन करने की धार्मिक प्राकृतिक तथा जन्म भूमि में निवास करने की प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि में सहायक है भूमि
एशिया का दूसरा प्रमुख देश जापान है यहां पर 75 प्रतिशत जनसंख्या दक्षिण पूर्वी हंस क्योंकि एवं सिक्कों में है जहां पर जनसंख्या के विकास पर प्रमुख कारण औद्योगिक बेटी है यह सभी क्षेत्र जापान की वृद्धि औद्योगिक पेटी के अंतर्गत विकसित है दक्षिणी पूर्वी एशिया का प्रमुख देश इंग्लैंड है जहां जावा एवं मधुर टीपो में देश की 80% जनसंख्या निवास करती है